अंतिम खलीफा कौन था?

खलीफा इस्लामी इतिहास में एक महत्वपूर्ण पद था। जब सैयदना मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) का इंतकाल हुआ, तो मुसलमानों ने अबू बकर अल-सिद्दीक को पहला खलीफा चुना। इस तरह "खिलाफत" प्रणाली की शुरुआत हुई। खलीफा शब्द का अर्थ है "उत्तराधिकारी", वह व्यक्ति जो इस्लामी राज्य का धार्मिक और राजनीतिक नेतृत्व करता।

अंतिम खलीफा अब्दुल माजिद द्वितीय थे, जो उस्मानी साम्राज्य के अंतिम शासनकाल में इस पद पर रहे। उन्होंने 1922 से 1924 तक खिलाफत का दायित्व निभाया। लेकिन 3 मार्च, 1924 को तुर्की के स्वतंत्रता संग्राम के बाद मुस्तफा कमाल अतातुर्क के नेतृत्व में तुर्क संसद ने खिलाफत को समाप्त कर दिया। इस दिन के साथ ही 1300 साल पुरानी खिलाफत प्रणाली का अंत हो गया।

इस घटना ने मुस्लिम दुनिया में गहरा सदमा पैदा किया। कई मुसलमानों ने इसे एक बड़ा झटका माना, क्योंकि खलीफा न केवल एक राजनीतिक प्रमुख था, बल्कि मुसलमानों के एकता का प्रतीक भी था। आज भी कुछ

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