क्या भारत आज भी छोटे राज्यों का समूह होता?

अगर अंग्रेज कभी भारत नहीं आए होते, तो आज का भारत वैसा नहीं होता जैसा हम देखते हैं। भारत के इतिहास में ब्रिटिश शासन का एक बहुत बड़ा प्रभाव रहा है, जिसने बिखरे हुए भारत को एक राजनीतिक ढांचे में पिरोने का काम किया। उस समय भारत में सैकड़ों छोटी-बड़ी रियासतें थीं, जो अक्सर एक-दूसरे के साथ प्रतिद्वंद्विता या संधियों में उलझी रहती थीं।

एक खंडित राष्ट्र की संभावना सबसे अधिक थी। यदि ब्रिटिश शासन का हस्तक्षेप नहीं हुआ होता, तो संभव है कि वे 60 से 100 छोटी रियासतें अपनी स्वतंत्र पहचान और सीमाओं के साथ आज भी अस्तित्व में होतीं। भारत एक विशाल राष्ट्र के बजाय यूरोप की तरह कई छोटे-छोटे देशों का एक समूह हो सकता था।

यह कहना कठिन है कि तब भारत की विकास यात्रा कैसी होती, लेकिन यह स्पष्ट है कि जो भौगोलिक एकता आज हम देखते हैं, वह ब्रिटिश शासन के प्रशासनिक एकीकरण के कारण ही संभव हो पाई थी। उनकी अनुपस्थिति में, भारत की राजनीति और नक्शा पूरी तरह से अलग और बहुत अधिक विभाजित होता।

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