अडानी ग्रुप के कर्ज की सच्चाई

सोशल मीडिया और राजनीतिक बहसों में अक्सर अडानी समूह के कर्ज माफी को लेकर दावे किए जाते हैं, लेकिन आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार समूह का लोन माफ (Wave off) नहीं किया गया है। बैंक और वित्तीय संस्थान कॉर्पोरेट लोन को माफ नहीं करते, बल्कि निर्धारित शर्तों के तहत व्यवसाय और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए ऋण प्रदान करते हैं।

वित्तीय आंकड़ों की बात करें तो वर्ष 2021-22 में अडानी समूह की छह प्रमुख सूचीबद्ध कंपनियों पर कुल 2,309 अरब रुपये (लगभग 2.3 लाख करोड़ रुपये) का कुल कर्ज था। हालांकि, समूह के पास मौजूद उपलब्ध नकदी और तरल संपत्तियों को घटाने के बाद उनका शुद्ध कर्ज 1,729 अरब रुपये (लगभग 1.73 लाख करोड़ रुपये) रह गया था।

कर्ज और 'अंडरराइटिंग' (Underwriting) या वित्तीय पुनर्गठन के बीच के अंतर को समझना बेहद जरूरी है। मीडिया में नवी मुंबई एयरपोर्ट प्रोजेक्ट जैसी बड़ी योजनाओं के लिए बैंक द्वारा दी गई वित्तीय गारंटियों को कभी-कभी गलती से लोन माफी समझ लिया जाता है। वास्तविकता यह है कि अडानी समूह अपने व्यावसायिक विस्तार, हवाई अड्डों और ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों और भारतीय बैंकों से नियमित रूप से लोन लेता है और उसका भुगतान करता है।

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