अमेरिका पर इतना भारी विदेशी कर्ज क्यों है?

दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के बावजूद अमेरिका आज भारी कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। इस स्थिति के पीछे कोई एक वजह नहीं, बल्कि सालों से चली आ रही आर्थिक नीतियां और फैसले जिम्मेदार हैं।

सबसे बड़ा कारण है अमेरिकी संसद (कांग्रेस) द्वारा लगातार किया जाने वाला घाटे का खर्च (deficit spending)। सरकार की कुल कमाई से कहीं ज्यादा उसका खर्च होता है। रक्षा बजट, इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक योजनाओं पर बड़े पैमाने पर पैसा पानी की तरह बहाया जाता है। इस खर्च को पूरा करने के लिए सरकार को भारी मात्रा में बॉन्ड जारी करके कर्ज लेना पड़ता है।

दूसरा बड़ा कारण है समय-समय पर दी जाने वाली टैक्स में कटौती (tax cuts)। टैक्स दरें कम होने से अमेरिकी सरकार का राजस्व घट जाता है, लेकिन खर्चे वही रहते हैं। कमाई कम और खर्च ज्यादा होने की वजह से यह बजटीय खाई और चौड़ी होती चली जाती है।

अगर इस बढ़ते कर्ज को रोकने के लिए समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में अमेरिका की कर्ज चुकाने की क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं। चूंकि अमेरिकी डॉलर वैश्विक व्यापार की रीढ़ है, इसलिए वहां का आर्थिक संकट पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था को तबाही की तरफ धकेल सकता है।

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