अरुण: सूर्य के सारथी और गरुड़ के बड़े भाई
हिंदू पौराणिक कथाओं में अरुण का विशेष स्थान है। वे भगवान सूर्य के सारथी के रूप में जाने जाते हैं, जो सूर्य के रथ को आकाश में खींचते हैं। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि वे सूर्य के पुत्र नहीं, बल्कि प्रजापति कश्यप और उनकी पत्नी विनता की संतान हैं।
अरुण के छोटे भाई गरुड़ हैं, जो भगवान विष्णु के वाहन हैं और पक्षियों के राजा माने जाते हैं। अरुण जब अंडे से निकले थे, तब वे पूरी तरह से विकसित नहीं थे, इसलिए उन्हें देवता नहीं बनाया गया, लेकिन उन्हें सूर्य के सारथी का पद दिया गया।
रामायण के प्रसंगों में भी अरुण का संबंध एक महत्वपूर्ण पात्र से है। मान्यता है कि सम्पाती और जटायु, जो रामायण में वानरों जैसे रूप में आए, वास्तव में अरुण के पुत्र थे। यही कारण है कि जटायु ने रावण से सीता की रक्षा करने के लिए जान तक दे दी।
अरुण की कथा सिर्फ एक पौराणिक किंवदंती नहीं, बल्कि भक्ति, निष्ठा और
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