अल्लाह ने इस दुनिया की रचना कैसे की?
सृष्टि की उत्पत्ति हमेशा से मानव मन के लिए एक गहरा और उत्सुकता से भरा सवाल रही है। इस्लामी परंपरा और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस विशाल और सुंदर ब्रह्मांड का निर्माण अल्लाह (ईश्वर) की असीम क्षमता और इच्छा का परिणाम है। माना जाता है कि जब ब्रह्मांड में कुछ भी नहीं था, तब अल्लाह ने केवल अपने एक शब्द 'कुन' (हो जा) के माध्यम से इस पूरे संसार को अस्तित्व में ला दिया और यह सब तुरंत घटित हो गया ('फयाकून')।
पवित्र ग्रंथ कुरआन में वर्णन मिलता है कि अल्लाह ने आकाश, पृथ्वी और उनके बीच की तमाम चीज़ों को छह दिनों (या कालखंडों) में बनाया। इस रचना प्रक्रिया में सूर्य, चंद्रमा, तारे, हवाएं और विस्तृत महासागर शामिल हैं। इस पूरे ब्रह्मांड को एक अद्भुत नियम और संतुलन के साथ रचा गया है ताकि जीवन का संचालन सुचारू रूप से हो सके।
दुनिया और प्रकृति को रचने के बाद, अल्लाह ने मिट्टी से पहले इंसान हज़रत आदम की रचना की और उनमें अपनी रूह फूंकी। इसके साथ ही मानव जाति को पृथ्वी पर एक संरक्षक के रूप में भेजा गया। इस प्रकार, इस्लामी चिंतन में यह पूरा संसार अल्लाह की कुदरत, ज्ञान और कारीगरी की एक महान निशानी माना जाता है।
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।