असली विवाह क्या है?
विवाह सिर्फ एक रस्म या धार्मिक क्रिया नहीं है, बल्कि यह दो आत्माओं के बीच प्रेम, विश्वास और समर्पण का पवित्र बंधन होता है। जहाँ दो व्यक्ति एक होकर जीवन के सुख-दुख का साथ निभाने का वचन देते हैं, वहीं असली विवाह कहलाता है। यह सिर्फ दो लोगों का नहीं, बल्कि दो परिवारों के बीच संबंध स्थापित करने का भी एक माध्यम है।
भारत में विवाह को एक पवित्र संस्कार माना जाता है। हिंदू धर्म में यह सात फेरों की रस्म है, जहाँ दूल्हा-दुल्हन आग के सामने एक दूसरे से जीवन भर बंधने का वचन देते हैं। वहीं मुस्लिम समुदाय में निकाह के जरिए दोनों पक्ष एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी स्वीकार करते हैं। इस तरह, विवाह केवल कानूनी या धार्मिक मान्यता ही नहीं, बल्कि भावनाओं की गहरी नींव है।
आज के दौर में लोग अक्सर विवाह को एक सामाजिक उत्सव समझ बैठते हैं, लेकिन असली विवाह तब होता है जब दोनों जीवन भर एक-दूसरे के साथ खड़े रहने की ठान लेते हैं। यह बंधन
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