पृथ्वी की आंतरिक परत: आंतरिक क्रोड
पृथ्वी की सबसे आंतरिक परत, जिसे आंतरिक क्रोड कहा जाता है, पृथ्वी के केंद्र तक फैली हुई है। यह परत लगभग 5150 किलोमीटर की गहराई से शुरू होकर 6371 किलोमीटर तक यानी पृथ्वी के केंद्र तक फैली है। इस परत की सबसे खास बात यह है कि यहाँ अत्यधिक दबाव के कारण सभी पदार्थ ठोस अवस्था में होते हैं, भले ही तापमान अत्यधिक हो।
आंतरिक क्रोड का घनत्व पृथ्वी की सभी परतों में सबसे अधिक है — लगभग 13 ग्राम प्रति घन सेंटीमीटर। यह इतना अधिक है कि यहाँ का पदार्थ हल्का नहीं रह सकता। इस परत में मुख्य रूप से लोहा और निकल जैसे भारी धात्विक पदार्थ पाए जाते हैं। ये तत्व पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण केंद्र की ओर खिंच गए और समय के साथ यहाँ जमा हो गए।
यह परत पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आंतरिक क्रोड के ठोस लोहे के चारों ओर बहते द्रव लोहे वाली बाहरी क्रोड के साथ मिलकर यह एक प्राकृतिक चुंबक की तरह
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