कोर्ट में बाइबिल पर हाथ रखने की परंपरा
जब कोई व्यक्ति कोर्ट में सच बोलने की कसम लेता है, तो वह अक्सर बाइबिल पर अपना बायां हाथ रखता है। यह एक लंबी परंपरा है, जिसकी जड़ें सदियों पुरानी हैं।
कहा जाता है कि बायां हाथ दिल के सबसे करीब माना जाता है। इसलिए, बाइबिल पर बायां हाथ रखना ईमानदारी और आत्मीयता का प्रतीक माना जाता है। यह इशारा सच बोलने की भावना को और गहराई देता है।
धार्मिक ग्रंथों पर कसमहालांकि बाइबिल सबसे आम है, लेकिन विभिन्न धर्मों के लोग अपने पवित्र ग्रंथों पर कसम खा सकते हैं। उदाहरण के लिए, कोई मुसलमान कुरान रख सकता है, या कोई हिंदू गीता पर हाथ रख सकता है। यह व्यक्ति की अंतरात्मा के प्रति आदर दिखाता है।
आज भी कई देशों में यह रीति जारी है। यह न केवल कानूनी फरमान है, बल्कि नैतिक प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है।
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