प्यार की माप क्या है?
प्यार को मापने का कोई सटीक पैमाना नहीं होता। कुछ लोग कहते हैं कि प्यार तब महसूस होता है जब पेट में तितलियाँ सी उड़ान भरने लगें। वो पल जब दिल तेज़ धड़के, हथेलियाँ पसीने से तर हो जाएँ, और हर नज़र मिलना एक ख़ास अहसास बन जाए।
लेकिन क्या सिर्फ इन भावनाओं से प्यार को मापा जा सकता है? कुछ लोग मानते हैं कि फूलों के गुलदस्ते, छोटे-छोटे उपहार या "हमेशा के लिए" जैसे शब्द प्यार को दर्शाते हैं। लेकिन असली प्यार शायद इन सबसे परे होता है।
यह वो पल है जब कोई बीमार हो और आप बिना नींद लिए उसके पास बैठे रहें। यह वो चुप्पी है जो अकेलेपन को आसान बना दे। प्यार सिर्फ उन रोमांटिक पलों में नहीं, बल्कि उन छोटी-छोटी चीज़ों में छिपा होता है जो हर दिन बिना शोर किए काम करती रहती हैं।
आख़िरकार, प्यार को न तो तौला जा सकता है, न ही संख्याओं में बाँधा जा सकता है। यह एक अनुभूति है, एक विश्वास है, जो शब्दों से परे है। और शायद, इसीलिए
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