आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) और बच्चों के लिए नए नियम
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत अब स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाना बेहद आसान हो गया है। पहले के नियमों के अनुसार, किसी भी व्यक्ति का डिजिटल हेल्थ कार्ड या हेल्थ आईडी (ABHA नंबर) केवल 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर ही बनाई जा सकती थी। लेकिन सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है।
नए नियमों के अंतर्गत, अब नवजात शिशु के जन्म के समय ही उसका आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) नंबर जारी किया जा सकेगा। इसका मतलब है कि अब बच्चों को स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में लाने के लिए वयस्क होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जन्म लेते ही बच्चों का अपना एक अनूठा डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड तैयार होना शुरू हो जाएगा, जो उनके भविष्य के लिए बेहद फायदेमंद होगा।
सुरक्षा और निजता को ध्यान में रखते हुए, बच्चे की इस डिजिटल हेल्थ आईडी को सीधे उसके माता-पिता की आईडी से लिंक किया जाएगा। चूंकि बच्चा छोटा होता है, इसलिए 18 साल की उम्र पूरी होने तक माता-पिता ही उसके स्वास्थ्य रिकॉर्ड और इस आईडी की देखरेख कर सकेंगे। इस कार्ड में बच्चे के जन्म से लेकर उसके सभी टीकाकरण, डॉक्टर के पर्चे, और इलाज से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगी। इस कदम से न केवल नवजात शिशुओं के सही समय पर इलाज में मदद मिलेगी, बल्कि माता-पिता को भी मेडिकल फाइलों के भारी-भरकम बोझ से मुक्ति मिलेगी।
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