भारत नाम के पीछे का इतिहास और राजा दुष्यंत

जब भी हमारे देश के नामकरण की बात आती है, तो प्राचीन इतिहास और पौराणिक कथाओं के कई पन्ने खुल जाते हैं। आम तौर पर यह सवाल मन में आता है कि आखिर हमारे देश का नाम 'भारत' कैसे पड़ा और इसके मूल में कौन हैं।

पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, हमारे देश का नाम महान पराक्रमी राजा भरत के नाम पर रखा गया है। चक्रवर्ती सम्राट भरत बचपन से ही अपनी वीरता और साहस के लिए जाने जाते थे। वे इतने ताकतवर और साहसी थे कि शेर के बच्चों के साथ खेलते थे।

राजा भरत के पिता हस्तिनापुर के प्रतापी राजा दुष्यंत थे और उनकी माता का नाम महर्षि विश्वामित्र और मेनका की पुत्री शकुंतला था। राजा दुष्यंत और शकुंतला के प्रेम प्रसंग और विवाह की कथा भारतीय साहित्य और महाकाव्यों में बहुत प्रसिद्ध है।

उन्हीं के सुपुत्र भरत के नाम पर इस विशाल भूमि को 'भारतवर्ष' कहा जाने लगा, जो आज हमारे लिए गर्व और सम्मान का प्रतीक है। यह नाम हमारी प्राचीन संस्कृति, परंपरा और गौरवशाली इतिहास से गहराई से जुड़ा हुआ है।

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय