इस्लाम में मूंछों के बारे में क्यों है खास निर्देश?
इस्लाम में न सिर्फ आस्तिकता का दावा किया जाता है, बल्कि जीवन के हर पहलू में संतुलित और उद्देश्यपूर्ण व्यवहार की प्रेरणा भी दी जाती है। इसी में शामिल है मूंछ और दाढ़ी को लेकर एक परंपरा जो हजरत मुहम्मद सल्ललाहो अलैही वसल्लम के आचरण पर आधारित है।
कई लोगों का मानना है कि मुसलमान मूंछ नहीं रखते, लेकिन सच यह है कि इस्लाम में मूंछ को पूरी तरह नहीं काटने की सलाह दी गई है, बल्कि उन्हें सम्भालकर रखने की हिदायत है। एक प्रसिद्ध हदीस के अनुसार, पैगंबर ने कहा था कि उन प्रथाओं के विपरीत चलो जो अज्ञानता के दौर (जाहिलियत) में थीं। उस समय कई प्राकृतिक या मूर्तिपूजक समुदाय लंबी मूंछ और छोटी या बिना दाढ़ी के रहते थे। इसलिए इस्लाम ने इसके विपरीत आचरण को प्रोत्साहित किया।
इसी कारण, मुसलमानों को सलाह दी गई कि वे दाढ़ी बढ़ाएं और मूंछ को छोटा रखें, ताकि वे उस धार्मिक और सामाजिक
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।