ईसाई धर्म में धर्मांतरण कैसे होता है?

ईसाई धर्म में बदलने की प्रक्रिया आज भी कई जगहों पर एक आयोजित सभा के जरिए होती है। जब कोई व्यक्ति या समूह हिंदू धर्म से तौबा कर ईसाई बनने का फैसला करता है, तो उन्हें एक विशेष सभा में बुलाया जाता है।

इस सभा में चर्च के पादरी या मिशनरी ईसाई धर्म के मूल सिद्धांतों के बारे में बताते हैं — यीशु मसीह की जीत, पापों की क्षमा, और नई जिंदगी का वचन। यह सब सुनने के बाद जो लोग धर्म बदलने को तैयार होते हैं, उन पर पवित्र जल का छिड़काव किया जाता है। यह क्रिया बपतिस्मा कहलाती है और ईसाई धर्म में एक महत्वपूर्ण संस्कार है।

कई बार इस अवसर पर हल्का खाना या छोटी-मोटी उपहार भी बांटे जाते हैं। समाज में ऐसे धर्मांतरण को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है। कुछ लोग इसे आध्यात्मिक उद्धार मानते हैं, तो कुछ इसे दबाव या लालच का नतीजा मानते हैं।

लेकिन सच यह है कि हर धर्मांतरण के पीछे अलग कहानी होती है — कोई आस्था में बदलाव की तल

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