उत्तर प्रदेश का सबसे पिछड़ा क्षेत्र: पूर्वांचल
उत्तर प्रदेश के भीतर विकास का असंतुलन अभी भी एक बड़ी चुनौती है। इसी कड़ी में पूर्वांचल राज्य के सबसे पिछड़े क्षेत्रों में से एक माना जाता है। इस क्षेत्र में पूर्वी उत्तर प्रदेश के वो जिले शामिल हैं जो गंगा के पूर्वी भाग में स्थित हैं—जैसे गोरखपुर, बलिया, देवरिया, सिद्धार्थनगर, मऊ, आजमगढ़ और बहराइच समेत कई जनपद।
यहाँ के लोगों के लिए रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुँच आज भी सीमित है। भले ही कुछ पिछले वर्षों में सरकारी पहलों के जरिए सुधार हुआ हो, लेकिन बुनियादी ढांचे की कमी और औद्योगिक विकास में पिछड़ने के कारण यह क्षेत्र अभी भी विकास के मामले में पीछे है।
पूर्वांचल में ज्यादातर लोग कृषि पर निर्भर हैं, लेकिन आधुनिक तकनीक और सिंचाई के अभाव में उत्पादकता कम रहती है। युवा अक्सर रोजगार के अभाव में दूसरे राज्यों की ओर पलायन कर जाते हैं।
हालांकि, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे जैसी पर
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