एक शिक्षक पर कितने बच्चे होने चाहिए?
शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता के लिए छात्र-शिक्षक अनुपात एक महत्वपूर्ण सूत्र है। सरकारी नियमों के मुताबिक, हर 30 बच्चों पर एक शिक्षक होना चाहिए। यह अनुपात बच्चों को बेहतर ध्यान देने और गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई सुनिश्चित करने में मदद करता है। लेकिन जिले के कई सरकारी स्कूलों में हालात बेहद चिंताजनक हैं।
भास्कर की जांच में पता चला कि कई स्कूलों में एक शिक्षक के सामने सौ से भी ज्यादा बच्चे हैं। ऐसे में छात्रों को व्यक्तिगत ध्यान मिल पाना लगभग नामुमकिन हो जाता है। इसके उलट, कुछ स्कूलों में स्थिति बिल्कुल उलट है—जहां बच्चों की संख्या कम है, वहां शिक्षकों की तादाद ज्यादा है। ऐसे स्कूलों में संसाधन बर्बाद हो रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ घनत्व वाले स्कूलों में शिक्षक एकलौते संसाधन होते हुए भी छात्रों को सही तरीके से पढ़ा नहीं पाते।
इस असंतुलन को दूर करना जरूरी है। छात्र-शिक्षक अनुपात को वास्तविकता के करीब ल
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