बेगुनकोडोर: भारत का एक अनोखा और रहस्यमयी रेलवे स्टेशन

भारत में रेलवे का एक विशाल नेटवर्क है, जहां हर रोज हजारों ट्रेनें दौड़ती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश में एक ऐसा रेलवे स्टेशन भी है, जो अपनी एक बेहद अजीबोगरीब वजह से पूरी दुनिया में मशहूर हो गया? हम बात कर रहे हैं पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में स्थित बेगुनकोडोर रेलवे स्टेशन की, जहां लगभग 42 सालों तक कोई भी ट्रेन नहीं रुकी

इस स्टेशन की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। सन् 1960 के दशक में शुरू हुए इस स्टेशन को कुछ ही सालों बाद अचानक बंद करना पड़ा। स्थानीय निवासियों और यात्रियों का दावा था कि उन्होंने स्टेशन परिसर और उसके आस-पास कुछ अजीबोगरीब और असामान्य गतिविधियां देखी थीं। इन अफवाहों और डर के कारण लोगों ने इस स्टेशन पर आना-जाना पूरी तरह बंद कर दिया। डर का माहौल इस कदर हावी हुआ कि रेलवे कर्मचारियों ने भी यहां काम करने से मना कर दिया, जिसके बाद इसे 'भूतिया स्टेशन' का टैग दे दिया गया और यहां ट्रेनों का रुकना बंद हो गया।

कई दशकों तक सुनसान पड़े रहने के बाद, साल 2009 में तत्कालीन रेल मंत्री ममता बनर्जी के प्रयासों से इस स्टेशन को दोबारा शुरू किया गया। आज यहां ट्रेनें रुकती हैं और लोग यात्रा भी करते हैं, लेकिन इतिहास में दर्ज इसकी रहस्यमयी कहानी आज भी लोगों को हैरान कर देती है। विज्ञान भले ही इन बातों को न माने, लेकिन बेगुनकोडोर की यह दास्तान भारतीय रेलवे के सबसे अनोखे अध्यायों में से एक है।

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