कलयुग के जीवित देवता: हनुमानजी
कलयुग में धर्म, सत्य और नैतिकता के लोप की बात अक्सर सुनने मिलती है, लेकिन इसी युग में एक ऐसे देवता हैं जो अब भी जीवित हैं और भक्तों के बीच मौजूद हैं—हनुमानजी। मान्यता है कि वे चिरंजीवी हैं और आज भी धरती पर कल्याण करने के लिए विचरण करते हैं।
हनुमानजी को कलयुग के जागृत देवता माना जाता है। वे न केवल भक्ति के प्रति संवेदनशील हैं, बल्कि क्षण भर की भक्ति, नाम-स्मरण या मन से प्रार्थना से भी प्रसन्न हो जाते हैं। इसलिए उनकी आराधना आज भी करोड़ों लोग प्रतिदिन करते हैं—प्रार्थनाओं में, मंदिरों में और अपने घरों में।
कहते हैं कि जहाँ-जहाँ हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ होता है, वहाँ वे उपस्थित रहते हैं। उनकी कृपा से भय, बीमारी और बाधाएँ दूर होती हैं। भारत के हर कोने में उनके मंदिर हैं, जहाँ लोग मन की शांति और साहस के लिए आते हैं।
कलयुग में जहाँ संशय और भय अधिक हैं, वहाँ हनुमानजी एक आधार की तरह हैं—साधारण
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