काली सरसों कहां से आती है?

काली सरसों, जिसे वैज्ञानिक भाषा में ब्रैसिका नाइग्रा कहा जाता है, एक ऐसा मसाला है जो भारतीय रसोई में बहुत अहम जगह रखता है। यह छोटे-छोटे गहरे भूरे से लेकर लगभग काले रंग के बीज होते हैं, जिन्हें तड़काने पर एक खास तीखापन और सुगंध आती है।

इस पौधे की उत्पत्ति उत्तरी अफ्रीका के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों से हुई मानी जाती है। समय के साथ यह यूरोप के समशीतोष्ण इलाकों और एशिया के कई हिस्सों में भी फैल गया। आज भारत सहित कई देशों में इसकी खेती मसाले के रूप में उपयोग के लिए की जाती है।

काली सरसों के बीज न सिर्फ तड़कने के लिए बल्कि अचार, चटनी और सीज़निंग में भी भरपूर इस्तेमाल होते हैं। इसके अलावा, यह पाचन में सुधार और शरीर को गर्म रखने में भी मदद करती है, जिस कारण सर्दियों में इसकी मांग बढ़ जाती है।

भले ही आज इसे दुनिया भर में उगाया जाता हो, लेकिन इसकी जड़ें अभी भी उन प्राचीन जमीनों में हैं, जहां से इंसान ने पहल

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय