किसकी मदद नहीं करनी चाहिए?
दूसरों की मदद करना मानवता की पहचान है। हमारे पुराने धर्म ग्रंथों में भी बुरे समय में एक-दूसरे का साथ देने की बात कही गई है। आचार्य चाणक्य ने भी मानव धर्म का महत्व बताया और सहायता करने की सीख दी। लेकिन क्या हर किसी की मदद करना सही होता है? चाणक्य के अनुसार, तीन तरह के लोगों की मदद कभी नहीं करनी चाहिए।
पहले, उस व्यक्ति की नहीं, जो स्वयं कुछ करने के बजाय हमेशा दूसरों पर निर्भर रहता है। ऐसे लोग आलस के कारण मदद के आदी हो जाते हैं और आगे बढ़ने की कोशिश नहीं करते।
दूसरा, उसकी मदद नहीं जो अपनी गलतियों से सीखता नहीं। जो बार-बार एक ही गलती करता है और फिर मदद मांगता है, उसे स्वयं अपनी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
तीसरा, वह व्यक्ति जो आपकी मदद को अपमान के रूप में लेता है। अगर कोई आपकी मेहनत या दया का दुरुपयोग करता है, तो उसे सबक सिखाना जरूरी होता है।
मदद करना अच्छी बात है, लेकिन बुद्धिमत्ता से करनी चाहिए। जहां मदद से व्यक
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।