श्री कृष्ण की सबसे प्रिय पत्नी: देवी रुक्मिणी

पौराणिक कथाओं और हिंदू ग्रंथों में भगवान श्री कृष्ण के जीवन के कई पहलुओं का वर्णन मिलता है, जिनमें उनकी पत्नियों और उनके प्रति उनके प्रेम की कहानियां बेहद प्रसिद्ध हैं। जब बात यह आती है कि कृष्ण की सबसे सुंदर और प्रिय पत्नी कौन थी, तो पारंपरिक रूप से देवी रुक्मिणी का नाम सबसे ऊपर आता है। उन्हें श्री कृष्ण की पटरानी यानी मुख्य पत्नी का दर्जा प्राप्त था।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रुक्मिणी साक्षात देवी लक्ष्मी का अवतार थीं। वे न केवल अत्यंत रूपवान थीं, बल्कि उनका स्वभाव भी बेहद सौम्य, शीलवान और भक्ति से भरा था। उन्होंने मन ही मन श्री कृष्ण को अपना पति चुन लिया था और विपरीत परिस्थितियों में कृष्ण उन्हें विदर्भ देश से सम्मानपूर्वक द्वारका लेकर आए थे। कृष्ण का उनके प्रति गहरा लगाव और आदर भाव हमेशा दिखता था।

हालांकि, श्री कृष्ण के जीवन में प्रेम और संतुलन की अनूठी कहानियां भी हैं। रुक्मिणी के प्रति कृष्ण का यह विशेष झुकाव और पक्षपात अक्सर उनकी दूसरी पत्नी सत्यभामा की नाराजगी और ईर्ष्या की वजह बन जाता था। सत्यभामा स्वभाव से थोड़ी अभिमानी और हक जताने वाली थीं, जबकि रुक्मिणी का प्रेम निश्छल और समर्पित था। इन दोनों के बीच के खट्टे-मीठे प्रसंग और कृष्ण द्वारा सत्यभामा का अहंकार तोड़ने की कथाएं आज भी बेहद चाव से सुनी जाती हैं। संक्षेप में कहें तो, रूप और भक्ति दोनों ही मामलों में रुक्मिणी को कृष्ण के हृदय के सबसे करीब माना गया है।

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