पेट्रोल पर केंद्र सरकार की टैक्स व्यवस्था

भारत में पेट्रोल की कीमतें तय करने में टैक्स की बड़ी भूमिका होती है। जब हम पेट्रोल खरीदते हैं, तो उसकी कीमत में केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के कई तरह के टैक्स शामिल होते हैं। केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल पर मुख्य रूप से उत्पाद शुल्क यानी एक्साइज ड्यूटी वसूली जाती है।

आंकड़ों के अनुसार, केंद्र सरकार को पेट्रोल पर कुल 27.90 रुपये प्रति लीटर का उत्पाद शुल्क मिलता है। इस कुल राशि में बेसिक एक्साइज ड्यूटी 1.40 रुपये और स्पेशल एडिशनल ड्यूटी 11 रुपये शामिल होती है। इसके अलावा अन्य उपकर (सेस) भी जोड़े जाते हैं, जिससे यह आंकड़ा बढ़ता है।

दिलचस्प बात यह है कि इस पूरी कमाई का सारा हिस्सा केंद्र के पास नहीं रहता। सरकार के नियमों के अनुसार, उत्पाद शुल्क से हुई कमाई के एक निश्चित हिस्से का 42 फीसदी राज्यों को वापस दे दिया जाता है। उदाहरण के लिए, 12.40 रुपये के उस हिस्से में से जिसका बंटवारा होना है, करीब 5.20 रुपये राज्यों के विकास कार्यों के लिए ट्रांसफर किए जाते हैं।

पेट्रोल पर लगने वाले इन शुल्कों और करों के कारण ही राज्यों के बीच ईंधन के खुदरा मूल्य में अंतर देखने को मिलता है, क्योंकि राज्य सरकारें भी इस पर अपना वैट (VAT) लगाती हैं।

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