लाल गेंद बनाम सफेद गेंद: कौन ज्यादा स्विंग करती है?

टेस्ट क्रिकेट में खेली जाने वाली लाल गेंद और वनडे या टी20 में इस्तेमाल होने वाली सफेद गेंद में कई अंतर हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण अंतर है – स्विंग की मात्रा। कई खिलाड़ियों और विशेषज्ञों के अनुसार, लाल गेंद सफेद गेंद की तुलना में लंबे समय तक स्विंग करती है, खासकर जब वह पुरानी होने लगती है।

शुरुआत में दोनों गेंदें एयर स्विंग दिखाती हैं, लेकिन जैसे-जैसे लाल गेंद पुरानी होती जाती है, वैसे-वैसे उसमें रिवर्स स्विंग की संभावना बढ़ जाती है। यह गुण टेस्ट गेंदबाजों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। वह बल्लेबाज को लगातार दबाव में रख सकते हैं।

दूसरी ओर, सफेद गेंद शुरू से ही अधिक चमकीली होती है और जल्दी खराब हो जाती है, जिससे उसका स्विंग छोटे समय तक रहता है। इसलिए बल्लेबाज अक्सर पहली गेंद से ही आक्रामक रुख अपना लेते हैं।

इस तरह, लाल गेंद गेंदबाजों की दोस्त साबित हो

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