तमिलनाडु में क्यों नहीं होती गेहूं की खेती?

भारत में गेहूं की खेती प्रमुख कृषि गतिविधियों में से एक है, लेकिन पूरे देश में हर राज्य में यह संभव नहीं है। इसका सही उत्तर तमिलनाडु है — यहाँ गेहूं की खेती नहीं की जाती।

जलवायु और मौसम की स्थिति इसका मुख्य कारण है। गेहूं को ठंडी और सूखी जलवायु की जरूरत होती है, खासकर बोने के समय। तमिलनाडु दक्षिणी भारत में स्थित है और यहाँ उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु है। यहाँ का तापमान ज्यादा रहता है और नमी भी अधिक होती है, जो गेहूं की फसल के लिए उपयुक्त नहीं है।

यहाँ के किसान धान, चावल, कॉफी, मक्का और तिलहन जैसी फसलों पर अधिक निर्भर हैं। गेहूं के लिए जरूरी शीत ऋतु तमिलनाडु में मौजूद नहीं है।

मिट्टी का प्रकार भी एक बड़ा फैक्टर है। तमिलनाडु की मिट्टी अधिकतर लाल और लैटेराइट प्रकार की है, जो गेहूं के लिए कम उपयुक्त है। दूसरी ओर, उत्तर भारत के राज्य जैसे पंजाब, हरियाणा और उ

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