क्या चीन खाद्य उत्पादन में पूरी तरह आत्मनिर्भर है?
दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देशों में शामिल चीन के लिए अपने सभी नागरिकों का पेट भरना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। ऐतिहासिक रूप से, चीन ने घरेलू खाद्य उत्पादन में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनने के लिए लगातार प्रयास किए हैं। साल 1996 में, चीनी सरकार ने एक महत्वपूर्ण श्वेत पत्र (White Paper) जारी किया था, जिसमें चावल, गेहूं और मक्का जैसे प्रमुख अनाजों के लिए 95 प्रतिशत आत्मनिर्भरता का लक्ष्य तय किया गया था।
हालांकि, पिछले कुछ दशकों में चीन के तेजी से होते औद्योगीकरण, शहरीकरण और बदलती जीवनशैली ने इस स्थिति को बदल दिया है। हालांकि चीन आज भी अपने नागरिकों के लिए मुख्य अनाज (जैसे चावल और गेहूं) का एक बड़ा हिस्सा खुद पैदा करता है, लेकिन सोयाबीन, मांस और अन्य कृषि उत्पादों के लिए वह बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय आयात पर निर्भर हो चुका है। सीमित कृषि योग्य भूमि और पानी की कमी जैसी समस्याओं से निपटने के लिए चीन अब कृषि में आधुनिक तकनीक और वैश्विक व्यापार का सहारा ले रहा है।
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