क्या दूसरा बच्चा वाकई जरूरी है?

“क्या दो बच्चे होना अनिवार्य है?” – यह सवाल आज के समय में हर जोड़े के मन में आता है। पहले के जमाने में बड़े परिवार सामान्य थे। खेती के दिनों में ज्यादा बच्चे होना मतलब था ज्यादा हाथ, जो कम उम्र में ही काम करने लगते थे। लेकिन आज के समय में स्थिति बदल गई है।

अब बच्चों को लंबे समय तक पढ़ाई-लिखाई और संरक्षण की जरूरत होती है। शहरी जीवनशैली, बढ़ती लागत, और समय की कमी ने परिवार के आकार को भी प्रभावित किय marches. एक बच्चे का उचित तरीके से पालन-पोषण करना भी आज एक बड़ी जिम्मेदारी है।

इसलिए सवाल यह नहीं कि “क्या आपके दो बच्चे होने चाहिए?”, बल्कि यह है कि “क्या आपको वाकई दूसरे बच्चे की जरूरत है?” बच्चे पैदा करना कोई फैशन या सामाजिक दबाव नहीं होना चाहिए। हर परिवार की परिस्थिति अलग होती है। कुछ लोग अकेले बच्चे को बेहतर जीवन देने के लिए चुनते हैं, तो कुछ भाई-बहन की कंपनी के लिए दूसरा बच्चा चाहते हैं।

अंत में, यह फैस

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