मुगल शासक और शराब: एक ऐतिहासिक सच
क्या मुगल शासक शराब पीते थे? हाँ, और न सिर्फ पीते थे, बल्कि इसे लेकर काफी खुले थे। इतिहास के पन्नों में यह साफ दर्ज है कि मुगल दरबार में शराब का सेवन आम बात थी। खासकर बाबर, जो मुगल साम्राज्य के संस्थापक थे, वे शराब को लेकर काफी नाजुक थे। उनके चचेरे भाई मिर्जा हैदर दुगलत ने लिखा है कि बाबर "धार्मिक भावना से" शराब पीते थे—एक ऐसा विरोधाभास जो उनके चरित्र की गहराई दिखाता है।
लेकिन बाबर अकेले नहीं थे। जहाँगीर के ज़माने तक शराब इतनी आम हो चुकी थी कि यह मुगल उच्च वर्ग में मृत्यु का प्रमुख कारण बन गई थी। दरबारी समारोहों में शराब के प्याले चलते रहते थे, और नवाब इसे आनंद का हिस्सा मानते थे।
हालाँकि, इस्लाम में शराब पर प्रतिबंध है, लेकिन मुगल शासकों ने अक्सर धार्मिक नियमों को अपने रीति-रिवाज़ों के आगे झुकते देखा। शराब के साथ-साथ अफीम और अन्य नशीले पदार्थों का भी सेवन होता था, खासकर ऊपरी तबके में।
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