जब रतन टाटा ने हिंदी में दिया दिल छू लेने वाला भाषण

29 अप्रैल 2022 का दिन असम के इतिहास में बेहद खास था। एक बड़े कार्यक्रम के दौरान जब भारत के दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा मंच पर आए, तो उन्होंने शुरुआत में विनम्रता से कहा कि वे हिंदी में अच्छे से बात नहीं कर पाते हैं। लेकिन इसके बावजूद, अपने भाषण का अंत उन्होंने बेहद ही खूबसूरत तरीके से हिंदी में बोलकर किया।

उन्होंने भारी मन और सम्मान के साथ कहा, “असम के इतिहास में आज का दिन एक महत्वपूर्ण दिन है।” भले ही उनका भाषण संक्षिप्त था, लेकिन उनकी इस कोशिश ने वहां मौजूद हर शख्स का दिल जीत लिया। रतन टाटा की यह सादगी और विनम्रता हमेशा से उनकी पहचान रही है।

भाषा की सीमाएं कभी भी उनके और आम जनता के बीच की दीवार नहीं बन सकीं। उनका यह छोटा सा हिंदी भाषण केवल शब्दों का समूह नहीं था, बल्कि असम के लोगों और राज्य के विकास के प्रति उनके सच्चे समर्पण और सम्मान को दर्शाता था। यही बातें रतन टाटा को भारत का सबसे पसंदीदा और आदरणीय उद्योगपति बनाती हैं।

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय