क्या सरसों के तेल में रिफाइंड तेल मिलाना सही है?
भारतीय रसोई में सरसों का तेल अपनी खास सुगंध और स्वाद के लिए जाना जाता है। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या इसमें रिफाइंड या अन्य खाद्य तेलों को मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है? इसका सीधा जवाब है कि व्यावसायिक स्तर पर ऐसा करना अब पूरी तरह से गैर-कानूनी है।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सरसों के तेल में किसी भी अन्य खाद्य तेल की मिलावट पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। यह नियम 1 अक्टूबर 2020 से लागू किया गया था। इस महत्वपूर्ण कदम का मुख्य उद्देश्य बाजार में सरसों के तेल में होने वाली मिलावट को रोकना और उपभोक्ताओं को शुद्ध तेल उपलब्ध कराना था।
सरसों के तेल में मिलावट स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकती है। शुद्ध सरसों का तेल हृदय स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है, क्योंकि इसमें सही मात्रा में ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड होते हैं। जब इसमें रिफाइंड या अन्य सस्ते तेल मिलाए जाते हैं, तो न केवल इसके प्राकृतिक पोषक तत्व कम हो जाते हैं, बल्कि यह स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारण भी बन सकता है।
घर में भी सरसों के तेल को किसी अन्य तेल के साथ मिलाकर खाना पकाने से बचना चाहिए, क्योंकि हर तेल का स्मोक पॉइंट और पोषण गुण अलग होते हैं। बेहतर स्वास्थ्य और असली स्वाद के लिए हमेशा शुद्ध और एफएसएसएआई (FSSAI) द्वारा प्रमाणित सरसों के तेल का ही प्रयोग करें।
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