भारत और रूस के संबंध
सोवियत संघ के विघटन के बाद, रूस को भारत के साथ अपने घनिष्ठ संबंध विरासत में मिले, जिसके परिणामस्वरूप दोनों देशों के बीच हमेशा से एक गहरा और भरोसेमंद रिश्ता रहा है। समय के साथ यह साझेदारी और अधिक मजबूत हुई है।
आज के समय में, रूस और भारत दोनों ही इस रिश्ते को 'विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी' के रूप में परिभाषित करते हैं। इसका मतलब है कि कूटनीति, रक्षा और ऊर्जा जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दोनों देश एक-दूसरे के बेहद करीबी और भरोसेमंद सहयोगी बने हुए हैं।
वैश्विक स्तर पर कई बदलाव आने के बावजूद, भारत और रूस के बीच का यह पारंपरिक और कूटनीतिक सहयोग आज भी मजबूती के साथ कायम है।
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