क्या रूस भारत का सच्चा और सदाबहार मित्र है?
भारत और रूस के बीच की दोस्ती कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह समय की कसौटी पर खरी उतरी है। 1990 के दशक में सोवियत संघ के विघटन के बाद भी दोनों देशों के रिश्तों में कभी कड़वाहट नहीं आई। आज भी रूस भारत का सबसे अहम रक्षा सहयोगी बना हुआ है, जो मुश्किल वक्त में हमेशा भारत के साथ खड़ा रहा है।
यदि हम भारत की भौगोलिक और राजनीतिक स्थिति को देखें, तो रूस के साथ यह रिश्ता बेहद नाजुक और महत्वपूर्ण हो जाता है। एक तरफ जहां पाकिस्तान के साथ भारत की पुरानी और गहरी दुश्मनी है, वहीं दूसरी तरफ चीन के साथ रिश्ते भी हालिया वक्त में अपने सबसे बुरे दौर से गुज़र रहे हैं। ऐसी स्थिति में, वैश्विक मंच पर एक शक्तिशाली और भरोसेमंद साथी का होना भारत के लिए बेहद जरूरी है, और रूस इस भूमिका को बखूबी निभाता आया है।
सिर्फ हथियारों और सैन्य तकनीक की आपूर्ति ही नहीं, बल्कि अंतरिक्ष अनुसंधान, ऊर्जा संकट और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में भी रूस ने अक्सर भारत का समर्थन किया है। हालांकि, बदलती वैश्विक राजनीति में हर देश अपने हितों को सर्वोपरि रखता है, लेकिन भारत और रूस का इतिहास गवाह है कि दोनों ने आपसी विश्वास को हमेशा बनाए रखा है। इसलिए, यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि रूस आज भी भारत के सबसे करीबी और भरोसेमंद मित्रों में से एक है।
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