क्या रूस भारत का दोस्त है?

हाँ, रूस लंबे समय से भारत का विश्वसनीय साथी रहा है। 1971 के बाद दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्ते कायम हुए, जो दुनिया के लिए एक मिसाल बन गए। उस दौर में जब अंतरराष्ट्रीय स्थिति तनावपूर्ण थी, रूस (तब सोवियत संघ) ने भारत के साथ खड़े रहकर अपनी दोस्ती की परख दिखाई।

1988 में, जब सोवियत राष्ट्रपति मिखाइल गोर्बाचेव आधिकारिक दौरे पर भारत आए, तो उनका स्वागत करने प्रधानमंत्री राजीव गांधी सीधे एयरपोर्ट पहुंचे। यह पल दोनों देशों के बीच गहरी मित्रता की झलक था। गोर्बाचेव के दौरे ने न केवल राजनयिक संबंधों को मजबूती दी, बल्कि दोनों देशों के बीच आपसी भरोसे को भी दर्शाया।

उसके बाद के दशकों में भी यह दोस्ती कमजोर नहीं हुई। चाहे रक्षा सहयोग हो या ऊर्जा परियोजनाएं, रूस ने लगातार भारत का साथ दिया। आज भी रूस से भारत के रक्षा और तकनीकी सहयोग में महत्वपूर्ण भूमिका है।

हालांकि समय बदल रहा है और नए राजनयिक संबंध बन

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