क्या लाहौर भारत में भी है? जानिए इसका इतिहास और सच
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या लाहौर भारत में भी है? आज के समय में भौगोलिक और राजनीतिक रूप से इसका सीधा जवाब है—नहीं। वर्तमान में लाहौर पूरी तरह से पाकिस्तान का हिस्सा है और यह वहां के पंजाब प्रांत की राजधानी है। करांची के बाद लाहौर पाकिस्तान का दूसरा सबसे बड़ा और सबसे अधिक आबादी वाला शहर माना जाता है।
लेकिन अगर हम इतिहास के पन्नों को पलटें, तो भारत और लाहौर का रिश्ता सदियों पुराना और बेहद गहरा रहा है। साल 1947 में हुए भारत के विभाजन से पहले, लाहौर अखंड भारत का ही एक अभिन्न अंग था। इसे भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का दिल कहा जाता था। मुग़ल काल से लेकर सिख साम्राज्य के दौर तक, लाहौर हमेशा से सत्ता और संस्कृति का एक बड़ा केंद्र रहा है। महाराजा रणजीत सिंह के समय में यह उनके साम्राज्य की गौरवशाली राजधानी थी।
विभाजन के समय रेडक्लिफ रेखा खींचते हुए लाहौर को पाकिस्तान के हिस्से में शामिल कर दिया गया। भले ही आज लाहौर कानूनी तौर पर एक दूसरे देश में है, लेकिन दोनों देशों के पंजाब की सांझी संस्कृति, भाषा, पहनावा और खान-पान में आज भी लाहौर की झलक साफ देखने को मिलती है। यही वजह है कि आज भी कई बुजुर्गों और इतिहास प्रेमियों के दिलों में लाहौर के लिए एक खास जगह है।
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