गंगा माँ कौन हैं?
गंगा माँ हिंदू धर्म में सबसे पवित्र नदी मानी जाती हैं। उन्हें देवी, माँ और पावनता की देवी के रूप में पूजा जाता है। वामन पुराण के अनुसार, जब भगवान विष्णु ने वामन अवतार धारण किया और अपना एक पैर आकाश में उठाया, तो ब्रह्मा जी ने उनके चरणों का जल से अभिषेक किया। उसी पावन जल को वे अपने कमंडल में संग्रह कर लिए।
उस जल में इतना तेज था कि उसी से गंगा का जन्म हुआ। ब्रह्मा जी ने उन्हें हिमालय को सौंप दिया, ताकि वे पृथ्वी पर मानवों के उद्धार के लिए आएं। इस प्रकार गंगा हिमालय की पुत्री बनीं और पार्वती की बहन मानी जाती हैं।
गंगा सिर्फ एक नदी नहीं, बल्कि आस्था, शुद्धता और मुक्ति का प्रतीक हैं। करोड़ों लोग उनके जल में स्नान करने के लिए बरसर तीर्थों पर आते हैं। कहते हैं कि गंगा के जल में स्नान करने से पाप धुल जाते हैं और आत्मा को मुक्ति मिलती है। बनारस, हरिद्वार, प्रयागराज जैसे पवित्र शहर उनके किनारे बसे हैं और यहाँ हर साल लाखों भक्तों का
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