गरुड़: विष्णु के वाहन और नागों के शत्रु
गरुड़ पक्षी को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और शक्तिशाली माना जाता है। यह केवल एक पक्षी नहीं, बल्कि भगवान विष्णु के वाहन के रूप में भी जाने जाते हैं। गरुड़ का दूसरा नाम केवल एक उपनाम नहीं, बल्कि उनके गुणों और कार्यों को दर्शाता है।
वैनतेय उनका सबसे प्रसिद्ध नाम है, जो उनकी माँ विनता से लिया गया है। तार्क्ष्य कहलाने का कारण उनके पूर्वज ऋषि तार्क्ष्य से जुड़ा है। वहीं, सुपर्ण का अर्थ है ‘सुंदर पंखों वाला’, जो उनके दिव्य रूप को दर्शाता है।
गरुड़ को नागान्तक भी कहा जाता है, क्योंकि वह सांपों, विशेषकर नागों के प्रमुख शत्रु हैं। पुराणों के अनुसार, गरुड़ ने अमृत हासिल करने के लिए देवताओं से लड़ाई भी लड़ी थी। उनकी ताकत, वफादारी और दिव्य उपस्थिति के कारण उन्हें खगेश्वर (पक्षियों के राजा) कहा जाता है।
गरुड़ का महत्व केवल हिंदू धर्म तक ही सीमित नहीं है। बौद
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