चीन में घटती जन्म दर और बदलता जनसांख्यिकीय परिदृश्य
दुनिया में सबसे अधिक आबादी वाले देशों में शामिल चीन इस समय एक अनोखे जनसांख्यिकीय मोड़ से गुजर रहा है। राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (एनबीएस) के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021 के अंत तक चीन के मुख्य भूभाग की कुल जनसंख्या 1.4126 अरब दर्ज की गई। यह 2020 की 1.4120 अरब आबादी के मुकाबले केवल 4,80,000 की मामूली वृद्धि दर्शाती है।
जनसंख्या की इस धीमी रफ्तार का सबसे बड़ा कारण देश में लगातार गिरती जन्म दर है। वर्ष 2020 में जहां लगभग 1.20 करोड़ बच्चों ने जन्म लिया था, वहीं 2021 में यह आंकड़ा घटकर केवल 1.06 करोड़ रह गया। जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या में आई यह भारी गिरावट चीन की सामाजिक और आर्थिक संरचना के लिए एक बड़ी चुनौती बन रही है।
दशकों तक लागू रही 'एक बच्चा नीति' के कारण समाज में युवाओं की संख्या में कमी आई है और बुजुर्गों की आबादी तेजी से बढ़ रही है। हालांकि, सरकार ने अब परिवार नियोजन नियमों में ढील देते हुए 'तीन बच्चे नीति' को मंजूरी दे दी है, लेकिन बच्चों के पालन-पोषण का बढ़ता खर्च और आधुनिक जीवनशैली के कारण लोग बड़े परिवार बनाने में रुचि नहीं ले रहे हैं।
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