गेहूं का उद्गम और इतिहास

गेहूं दुनिया की सबसे पुरानी और महत्वपूर्ण फसलों में से एक है। इसके जन्म स्थान को लेकर वैज्ञानिकों के अलग-अलग मत रहे हैं। प्रसिद्ध वैज्ञानिक डीकेंडोल के अनुसार, गेहूं की उत्पत्ति मुख्य रूप से दजला और फरात की घाटी में हुई थी, जो प्राचीन सभ्यताओं का पालना भी मानी जाती है।

इसके अलावा, कुछ अमेरिकी वैज्ञानिकों का मानना है कि गेहूं का मूल स्थान सीरिया और पैलेस्टाइन का क्षेत्र है। प्राचीन बेबीलोन के विचारों और आधुनिक वैज्ञानिक वर्गीकरण के आधार पर गेहूं की अलग-अलग जातियों के उद्गम स्थल अलग-مختلف बताए गए हैं। उदाहरण के लिए, ड्यूरम (Durum) जाति के गेहूं का मूल स्थान अबीसीनिया को माना गया है।

वहीं, वलगेअर (Vulgare) जाति के गेहूं का इतिहास हमारे देश से भी जुड़ा हुआ है। इस जाति के गेहूं का मूल स्थान भारत का उत्तर-पश्चिमी भाग और अफगानिस्तान का क्षेत्र माना जाता है। समय के साथ, इन क्षेत्रों से गेहूं की खेती पूरी दुनिया में फैली और यह मानव आहार का एक अनिवार्य हिस्सा बन गया।

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