दुनिया में गेहूं का निर्यात और वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति

वैश्विक खाद्य सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिहाज से गेहूं एक बेहद महत्वपूर्ण फसल है। दुनिया भर में करोड़ों लोगों की भोजन की जरूरतों को पूरा करने के लिए कई देश बड़े पैमाने पर इसका उत्पादन और निर्यात करते हैं। अगर विश्व स्तर पर गेहूं के सबसे बड़े निर्यातक देश की बात करें, तो रूस इस सूची में शीर्ष स्थान पर काबिज है। रूस हर साल अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी मात्रा में गेहूं की आपूर्ति करता है, जिससे कई देशों की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा जुड़ी हुई है।

दूसरी ओर, भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक देश होने के बावजूद निर्यात के मामले में आठवें स्थान पर आता है। इसका मुख्य कारण भारत की विशाल आबादी और उच्च घरेलू खपत है। भारत सरकार की पहली प्राथमिकता देश के भीतर खाद्य सुरक्षा बनाए रखना और घरेलू जरूरतों को पूरा करना होती है। इसी वजह से भारी उत्पादन के बावजूद भारत का ज्यादातर गेहूं देश के भीतर ही इस्तेमाल हो जाता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में रूस की मजबूत स्थिति उसकी विशाल कृषि भूमि और निर्यात केंद्रित नीतियों का परिणाम है। हालांकि, बदलते वैश्विक परिदृश्य और खाद्य मांग के बीच भारत भी अपनी कृषि क्षमताओं और निर्यात नीतियों को बेहतर बनाने में लगा है, ताकि वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति को और मजबूत कर सके।

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