गेहूँ की उत्पत्ति का इतिहास और इसके मूल स्थान
गेहूँ दुनिया की सबसे पुरानी और महत्वपूर्ण फसलों में से एक है। इसकी शुरुआत और उत्पत्ति को लेकर अलग-अलग वैज्ञानिकों और विचारकों के अलग-अलग मत रहे हैं। इतिहास और वनस्पति विज्ञान के अनुसार, गेहूँ के पौधे ने हज़ारों साल पहले जंगली घास के रूप में जन्म लिया था और इंसानी मेहनत से यह आज की मुख्य फसल बना।
प्रसिद्ध वैज्ञानिक डीकेंडोल के अनुसार, गेहूँ की उत्पत्ति मुख्य रूप से दजला और फरात की उपजाऊ घाटी में हुई थी। इसके अलावा, कुछ अमेरिकी वैज्ञानिकों का मानना है कि सीरिया और पैलेस्टाइन वे क्षेत्र हैं जहाँ गेहूँ सबसे पहले उगाया गया था।
बेबीलोन के प्राचीन विचारों के आधार पर, गेहूँ की अलग-अलग जातियों के मूल स्थान भी भिन्न बताए गए हैं। उदाहरण के लिए, ड्यूरम (Durum) जाति के गेहूँ का मूल स्थान अबीसीनिया माना जाता है, जबकि वलगेअर (Vulgare) जाति के गेहूँ का मूल केंद्र भारत का उत्तर-पश्चिमी भाग और अफगानिस्तान क्षेत्र रहा है। इन सभी साक्ष्यों से यह स्पष्ट होता है कि गेहूँ का इतिहास बेहद प्राचीन और विविधता से भरा हुआ है।
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।