गेहूं की तासीर क्या है?
गेहूं भारतीय आहार का एक मुख्य हिस्सा है। आमतौर पर, गेहूं की तासीर थोड़ी ठंडी मानी जाती है, खासकर जब इसे मंडा या आटे के रूप में खाया जाता है।
आयुर्वेद के अनुसार, गेहूं पौष्टिक होता है और शरीर को बल देने में मदद करता है। यह वात और पित्त दोष को संतुलित करने में सहायक होता है, लेकिन अधिक मात्रा में लेने से कब्ज या अपच भी हो सकता है, खासकर कमजोर पाचन वालों को।
गेहूं में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फाइबर और कुछ विटामिन-खनिज होते हैं, जो ऊर्जा देते हैं और मांसपेशियों के लिए फायदेमंद होते हैं। हालांकि, ज्यादातर लोग इसे रोटी के रूप में खाते हैं, जो पेट भरने के साथ-साथ लंबे समय तक ताकत भी बनाए रखती है।
ध्यान रखने वाली बात यह है कि साबूत गेहूं यानी जिसे कम प्रोसेस किया गया हो, वह सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है। सफेद आटा ज्यादा प्रोसेस्ड होता है और उसमें पोषक तत्व कम होते हैं।
संतुलित मात्रा में गेहूं खाने
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