चाय में दूध डालने की अनोखी परंपरा
चाय की चुस्की लेना किसे पसंद नहीं है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि चाय में दूध मिलाने का यह चलन कहां से शुरू हुआ? चाय में दूध मिलाने की यह आदत 18वीं सदी से चली आ रही है।
ब्रिटिश संस्कृति में यह परंपरा तब शुरू हुई जब बर्तनों में चाय बनाई जाने लगी थी। उस समय चीन से आयात होने वाले महंगे चीनी मिट्टी के बर्तन (पोर्सिलेन कप) बेहद नाज़ुक होते थे। खौलता हुआ गर्म पानी सीधे डालने से इन महंगे कपों के चटकने या टूटने का खतरा रहता था।
इस समस्या से बचने के लिए, ब्रिटिश लोग कप में पहले थोड़ा सा ठंडा या सामान्य तापमान का दूध डालते थे और उसके बाद ऊपर से गर्म चाय उड़ेलते थे। इससे कप सुरक्षित रहते थे और चाय का तापमान भी पीने लायक हो जाता था। समय के साथ यह जरूरत एक स्थायी आदत और फिर ब्रिटिश चाय संस्कृति का एक अहम हिस्सा बन गई।
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