चावल की तासीर क्या होती है?

चावल की तासीर ठंडी मानी जाती है, यह भारतीय आहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। आयुर्वेद के अनुसार, हर खाद्य पदार्थ की अपनी तासीर (प्रकृति) होती है – कुछ गर्म, कुछ ठंडी। चावल इस श्रेणी में ठंडी तासीर वाले भोजन में आता है। इसलिए सर्दियों या नमी भरे मौसम में जब सर्दी-खांसी की समस्या बढ़ती है, तो चावल के सेवन पर संयम बरतने की सलाह दी जाती है।

कई लोग जानते हैं कि चावल खाने से बलगम बढ़ सकता है। खासकर जो लोग पहले से अधिक बलगम, सर्दी या अस्थमा से परेशान रहते हैं, उनके लिए ठंडी तासीर वाले भोजन जैसे चावल कम फायदेमंद हो सकते हैं। जब शरीर में बलगम की मात्रा बढ़ जाती है, तो थकान, कमजोरी और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

हालांकि, चावल को पूरी तरह छोड़ना भी जरूरी नहीं। इसे मसालों के साथ पकाकर, जैसे हल्दी, काली मिर्च या अदरक के साथ, इसकी ठंडी तासीर को संतुलित किया जा सकता है। इस तरह यह पेट के लिए हल

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