चीन की आर्थिक प्रगति का सफर

पिछले कुछ दशकों में चीन की अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे ताकतवर अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनकर उभरी है। इस असाधारण बदलाव के पीछे मुख्य ताकत इसका विशाल औद्योगिक उत्पादन और दुनिया भर में किया जाने वाला विनिर्माण निर्यात (मैन्युफैक्चरिंग एक्सपोर्ट) है। आज स्थिति यह है कि क्रय शक्ति समानता यानी पीपीपी के मामले में चीन का सकल घरेलू उत्पाद दुनिया में सबसे आगे है।

इस अभूतपूर्व विकास की नींव रणनीतिक आर्थिक सुधारों, भारी बुनियादी ढांचे के विकास और वैश्विक व्यापार में सक्रिय भागीदारी पर टिकी है। सस्ते श्रम, कुशल विनिर्माण हब और सरकार की मजबूत नीतियों ने चीन को वैश्विक बाजार का मुख्य केंद्र बना दिया है। यही कारण है कि आज दुनिया भर में उपयोग होने वाले अधिकांश उत्पादों का निर्माण बड़े पैमाने पर चीन में ही होता है, जिससे उसकी आर्थिक स्थिति लगातार मजबूत होती जा रही है।

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