चीन में कम महंगाई का रहस्य

दुनिया भर के देशों में जब महंगाई आसमान छू रही है, तब चीन में स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में रही है। पश्चिमी देशों की तुलना में चीन में मुद्रास्फीति दर के कम रहने के पीछे कई मुख्य कारण हैं, जिन्हें विशेषज्ञ और चीनी अधिकारी पिछले कुछ समय से समझाते आए हैं।

मुख्य वजहों में से एक यह है कि कोरोना महामारी के दौरान पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका और यूरोप ने अपनी अर्थव्यवस्थाओं को बचाने के लिए भारी मात्रा में धन की छपाई की और सीधे नागरिकों के हाथों में पैसे पहुंचाए। इससे बाजार में नकदी अचानक बहुत बढ़ गई और मांग में भारी उछाल आया, जो अंततः तेज महंगाई या मुद्रास्फीति के रूप में सामने आया।

इसके विपरीत, चीन ने इस तरह के सीधे बड़े पैमाने पर वित्तीय प्रोत्साहन या कैश ट्रांसफर से परहेज किया। चीनी नीति निर्माताओं ने धन मुद्रण और कर्ज आधारित राहत पैकेजों के बजाय आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने और उत्पादन पर ध्यान केंद्रित रखा। इसके अलावा, चीन में घरेलू मांग पश्चिमी देशों जितनी आक्रामक नहीं रही, और सरकारी नियंत्रण के कारण ऊर्जा तथा भोजन जैसी बुनियादी वस्तुओं की कीमतें भी काफी हद तक स्थिर बनी रहीं।

संक्षेप में कहें तो, पश्चिमी देशों की आक्रामक वित्तीय नीतियों और चीन के अधिक संयमित दृष्टिकोण के बीच का यह अंतर ही चीन में कम महंगाई का प्रमुख कारण बना है।

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