चेचक: कैसे होता है और कैसे बचें?

चेचक एक बेहद संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से वायरस के कारण होती है। यह बीमारी संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से हवा में फैले ड्रॉपलेट्स के जरिए दूसरों तक पहुंचती है। एक बार जब वायरस शरीर में प्रवेश कर जाता है, तो लक्षण आमतौर पर संक्रमण के 7 से 21 दिन बाद दिखाई देने लगते हैं।

इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, लाल आंखें और शरीर पर लाल चकत्ते शामिल हैं। ये चकत्ते आमतौर पर चेहरे से शुरू होकर पूरे शरीर में फैल जाते हैं। कई बार यह बीमारी गंभीर रूप ले लेती है, खासकर उन लोगों में जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है।

चेचक से बचाव के लिए टीकाकरण सबसे प्रभावी तरीका है। आजकल एमएमआर (Measles, Mumps, and Rubella) टीके के माध्यम से इसकी रोकथाम संभव है। बच्चों को दो खुराकों में टीका लगाया जाता है, जो लंबे समय तक सुरक्षा प्रदान करता है।

इसके अलावा, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से बचना, साफ-सफाई का ध्यान रखना

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