द्वितीय विश्व युद्ध और पर्ल हार्बर पर जापान का हमला
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 7 दिसंबर, 1941 का दिन इतिहास के सबसे नाटकीय मोड़ों में से एक साबित हुआ। इस दिन जापानी वायुसेना ने हवाई स्थिति अमेरिकी नौसैनिक अड्डे पर्ल हार्बर पर अचानक और भीषण हवाई हमला कर दिया। जापान का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी पेसिफिक फ्लीट (प्रशांत महासागरीय बेड़े) को पूरी तरह तबाह और बेअसर करना था, ताकि वह प्रशांत महासागर क्षेत्र में जापानी सैन्य अभियानों में बाधा न डाल सके।
इस अप्रत्याशित हमले ने अमेरिका को गहरे सदमे में डाल दिया। हमले के तुरंत बाद अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट ने 7 दिसंबर की तारीख को हमेशा याद रखा जाने वाला 'कलंक का दिन' (A Date Which Will Live in Infamy) घोषित किया। इस हमले ने न केवल अमेरिकी सैन्य संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचाया, बल्कि वैश्विक राजनीति का रुख भी हमेशा के लिए बदल दिया।
जापान का यह दुस्साहस उस पर ही भारी पड़ा। हमले के ठीक दूसरे दिन, 8 दिसंबर, 1941 को अमेरिका ने औपचारिक रूप से जापान के खिलाफ युद्ध का ऐलान कर दिया। इसके साथ ही अमेरिका सीधे तौर पर द्वितीय विश्व युद्ध में कूद पड़ा, जिसने आगे चलकर मित्र राष्ट्रों की ताकत को कई गुना बढ़ा दिया और अंततः युद्ध का परिणाम तय किया।
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