जापानी लोगों की उत्पत्ति: आनुवंशिक शोध क्या कहता है?
जापानी संस्कृति और उनका इतिहास हमेशा से शोधकर्ताओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर जापानी लोगों के पूर्वज कहां से आए थे? आधुनिक आनुवंशिकी (Genetics) और डीएनए अध्ययनों ने इस रहस्य पर से काफी हद तक पर्दा उठा दिया है।
वैज्ञानिक अध्ययनों, विशेष रूप से जीन मार्करों (Gm ag और ab3st) के भौगोलिक वितरण के विश्लेषण से पता चलता है कि जापानी आबादी का मुख्य आधार उत्तरी मंगोलॉयड (Northern Mongoloid) समूह से जुड़ा हुआ है। यह विशेष जीन फ़्लो पूर्वोत्तर एशिया से जापानी द्वीपसमूह की ओर बढ़ा, जो यह दर्शाता है कि जापानी लोगों की उत्पत्ति मुख्य रूप से पूर्वोत्तर एशिया (Northeast Asia) के क्षेत्रों से हुई थी।
ऐतिहासिक और पुरातात्विक दृष्टिकोण से देखा जाए, तो आज के जापानी समाज का निर्माण दो मुख्य प्राचीन समूहों के मेल से हुआ है: जोमोन (Jomon), जो जापानी द्वीपसमूह के मूल शिकारी-संग्राहक निवासी थे, और यायोई (Yayoi), जो बाद में एशियाई मुख्य भूमि से चावल की खेती और धातु विज्ञान के साथ यहां पहुंचे। इन दोनों समूहों के आनुवंशिक मिश्रण ने ही आधुनिक जापानी पहचान को आकार दिया है।
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