जीवन की रक्षक: ओज़ोन परत
पृथ्वी पर जीवन की अस्तित्व के लिए कई कारक ज़िम्मेदार हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण में से एक है – ओज़ोन परत। यह पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल में मौजूद एक पतली लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण परत है, जो हमें सूर्य के हानिकारक प्रकाश से बचाती है।
सूर्य से निकलने वाला पराबैंगनी (UV) प्रकाश उच्च आवृत्ति का होता है और यह जीवों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। यह त्वचा कैंसर, आँखों की बीमारियाँ और पारिस्थितिक तंत्र में असंतुलन पैदा कर सकता है। लेकिन ओज़ोन परत इसकी 90 से 99 प्रतिशत तक ऊर्जा को अवशोषित कर लेती है। इस तरह, यह पृथ्वी पर जीवन के लिए एक सुरक्षा कवच का काम करती है।
वायुमंडल की कुल ओज़ोन में से 91% से अधिक इसी परत में स्थित है, जो लगभग 15 से 35 किलोमीटर की ऊँचाई पर स्थित है। इसे स्ट्रैटोस्फीयर में ओज़ोन परत या 'ओज़ोन शील्ड' कहा जाता है।
दुर्भाग्य से, मानव गतिविधियों के कारण जैसे CFCs (क्लोरोफ्लोरोकार्बन) के उपयोग
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।