विश्व का पहला पूर्ण जैविक देश: भूटान
पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक जीवनशैली की दिशा में भूटान ने दुनिया के सामने एक अद्भुत मिसाल कायम की है। यह हिमालय की गोद में बसा एक छोटा सा देश है, जिसे विश्व के पहला पूर्ण जैविक (ऑर्गेनिक) देश होने का गौरव प्राप्त है। इसका मतलब है कि यहाँ खेती में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का इस्तेमाल पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।
भूटान अपनी प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है। देश का लगभग 80.89% भू-भाग वनों से ढका हुआ है। इतना ही नहीं, भूटान के कुल भूमि क्षेत्र का 51.40% हिस्सा (लगभग 16,396.4 वर्ग किलोमीटर) संरक्षित क्षेत्रों के अंतर्गत आता है। यहाँ 10 प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य शामिल हैं, जो दुर्लभ जड़ी-बूटियों और जीव-जंतुओं को सुरक्षित आवास प्रदान करते हैं।
भूटान सरकार ने पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना विकास करने की नीति अपनाई है। यहाँ केवल आर्थिक प्रगति को ही सफलता का पैमाना नहीं माना जाता, बल्कि 'ग्रॉस नेशनल हैप्पीनेस' (सकल राष्ट्रीय प्रसन्नता) को प्राथमिकता दी जाती है। भूटान दुनिया का एकमात्र ऐसा देश भी है जो कार्बन-नेगेटिव है, यानी यह जितना कार्बन उत्सर्जित करता है, उससे कहीं अधिक ऑक्सीजन इसके विशाल जंगल अवशोषित कर लेते हैं। भूटान की यह पहल आज पूरे विश्व को पर्यावरण संतुलन और जैविक खेती की ओर बढ़ने की प्रेरणा दे रही है।
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