टेंपलेट को इंपोर्ट और एक्सपोर्ट करने में अंतर
डिजिटल दस्तावेजों और सॉफ्टवेयर की दुनिया में टेंपलेट का इस्तेमाल काम को आसान बनाने के लिए किया जाता है। जब हम किसी बने-बनाए ढांचे या डिज़ाइन को अपने सिस्टम में लाते हैं, तो उसे इंपोर्ट करना कहते हैं। इससे हमें बार-बार एक ही डिज़ाइन को नए सिरे से नहीं बनाना पड़ता, जिससे हमारे समय की बचत होती है।
इसके विपरीत, एक्सपोर्ट करने का मतलब होता है कि आपके द्वारा तैयार किए गए किसी टेंपलेट या दस्तावेज को दूसरे स्थान पर भेजना या सुरक्षित करना, ताकि उसका उपयोग अन्य जगहों पर भी किया जा सके।
लिब्रे ऑफिस राइटर (Writer) जैसे सॉफ्टवेयर में किसी टेंपलेट को पुनः उपयोग में लाने के लिए उसे इंपोर्ट करना बहुत आसान है। इसके लिए सबसे पहले आपको टेंपलेट डायलॉग बॉक्स खोलना होता है। इस डायलॉग बॉक्स को तुरंत खोलने के लिए आप कीबोर्ड पर शॉर्टकट की Ctrl+Shift+N का उपयोग कर सकते हैं। इसके बाद आप अपनी जरूरत के अनुसार किसी भी टेंपलेट का चयन करके उस पर आसानी से काम शुरू कर सकते हैं।
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